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Showing posts from February, 2023

क्या है रमन प्रभाव

हर चीज के पीछे विज्ञान छुपा हुआ है ∣ जो अपने पीछे छुपे हुए कारण को बताता है ∣ जो कि तथ्यों पर आधारित होता है ∣ जो कि समीकरण के द्वारा सिद्ध किया जाता है ∣ आज ' राष्ट्रीय विज्ञान दिवस' के अवसर पर जानेंगे ,रमन प्रभाव को आज पूरे देश भर में 'राष्ट्रीय विज्ञान दिवस ' के अवसर पर विज्ञान को लेकर तरह तरह की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है ∣ ये वहीं दिन है ∣ जब भारत के महान वैज्ञानिक वेंकट रमन ने 'रमन प्रभाव' की खोज की थी ∣ इसमें उन्होंने बताया था जब प्रकाश की किरणें किसी पारदर्शी नमूने से होकर गुजरती है ∣ तो प्रकाश का एक छोटा हिस्सा आपतित किरण की दिशा से अलग अलग दिशा में दिखाई देता है ∣ तब इस प्रकिर्णित प्रकाश के अधिकांश हिस्से का तरंगदैर्ध्य परिवर्तित नहीं होता है ∣ हालांकि प्रकाश का कुछ हिस्सा ऐसा भी रहता है जो कि तरंगदैर्ध्य आपतित प्रकाश के तरंगदैर्ध्य से काफी अलग होता है ∣ इसकी उपस्थिति को ही रमन प्रभाव के नाम से जाना जाता है ∣

खालीपन के बीच हम

लाइब्रेरी एक स्थान जहां जाते ही हम दुनिया की सभी बुराई को भुल आगे का रास्ता चुनते है ∣ दुनिया में अभी कितनी अच्छाईयां है ∣ ये हम किताबों के जरिए जानते हैं ∣  अपने अंदर के खालीपन का एहसास हम लाइब्रेरी में करते हैं ∣ जहां पर जाते ही हम ऐसा महसूस करते है ∣ जैसे हमें अभी भी कितना कुछ जानना बाकी है ∣ हम अंदर से कितने अभी खाली है ∣ सिखाने की प्रक्रिया से हमारा तब वास्ता होता है ∣ कितना भी किताब पढ़ लिया जाएं किन्तु जब हम लाइब्रेरी में कदम रखते हैं ∣ तब हमारा सामना हमारे खालीपन से होता है ∣ जो हमें यकीन दिलाता है कितना कुछ पढ़ना अभी बाकी है ∣  जो कभी खत्म न होने वाले इतिहास की तरह है ∣ जो जितना पढ़ा जाए उतना कम है ∣

शादी दो दिलों का बंधन

दो अनजाने अजनबी जब एक दूसरे का हो जाने का वचन लेते हैं ∣ तब विवाह का सूत्रपात होता है ∣ इसमें दो दिलों का अनोखा मेल होता है ∣ सात वचन और सात फेरो संग ताउम्र के लिए एक दूसरे का हो जाना होता है ∣ इसके माध्यम से दो लोग मिलते हैं ∣ सात जन्मों के लिए एक दूसरों का वो जाने का वादा करते हैं ∣ त्याग करते हैं एक दूसरे के लिए, हर कदम पर एक दूसरे का साथ निभाने की कसमे खाते हैं ∣ रिश्तों की मजबूती के लिए जरूरी होता है ∣ एक दूसरे का साथ निभाना, एक दूसरे पर विश्वास करना उसके लिए सब, से लड़ जाना होता है ∣

लगातार चलते जाना ही जीवन का नाम है

लगातार चलते जाना ही जीवन का नाम है कोशिश करना तुम की चलते रहो तुम हर हाल में आगे बढ़ते रहो तुम,  क्योंकि तुम्हें चलने का गुण आता है ∣ लोग क्या कहते हैं उससे नहीं बल्कि तुम क्या हो, उसे सोचकर तुम्हें आगे बढ़ने का गुण आता है ∣  तुम ज्यादा करने में विश्वास रखते हो, दिखाने में नहीं  इसलिए तुम चलते जाना  क्योंकि तुम्हें खुद के काम से लोगों को जवाब  देना आता है ∣ तुम बदले नहीं हो तुम्हारी परिस्थितियां बदली है ∣ तुम्हें खुद को बेहतर करने की कोशिश हर हाल में करना  क्योंकि तुम्हें गिरकर उठने का काम आता है ∣  वक्त वक्त की बात है तुम कोशिश करना एक कदम आगे रखने की  तुम्हें जूनून के साथ आगे बढ़ना आता है ∣

जानें क्यों मनायी जाती है महाशिवरात्रि

वैसे तो हर माह महाशिवरात्रि मनायी जाती है किन्तु फरवरी माह में मनायी जाने वाली महाशिवरात्रि खास मानी जाती है ∣ फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुदर्शी को महाशिवरात्रि मनायी जाती है ∣  ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की प्रस्तुती करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है ∣ इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था ∣ आध्यात्मिक रूप से इस दिन प्रकृति और पुरुष का मिलन हुआ था ∣ इसके अलावा बाग्लादेश और नेपाल में भी महाशिवरात्रि मनायी जाती है जहां एक तरफ नेपाल के काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान शिव के भक्तों की भीड़ लगी रहती है ∣ वहीं दूसरी तरफ भक्तगण चंद्र गांव जाते हैं बाग्लादेश में हिन्दू मान्यता के मुताबिक, इस दिन जो लोग भगवान शिव का विधि विधान से पूजन करते हैं उन्हें अच्छा जीवनसाथी मिलाता है ∣ 

क्रोध की आग

क्रोध अक्सर बनते हुए रिश्तों को बिगाड़ देता है ∣ दो जुड़ते हुए रिश्तों में दरार डाल देता है ∣ इसके चलते रिश्तों में मिठास की जगह कड़वाहट आ जाती है ∣ इसलिए कहते हैं कि कुछ पल की दूरी और मौन अक्सर जरूरी होता है ∣ न चाहते हुए भी अक्सर चुप रहना होता है ∣ ताकि बीज बनने से पहले कमजोर न पड़ जाए ∣

एक महान अदाकारा मधुबाला

कहते हैं कि हर चीज की व्यक्ति को एक कीमत अदा करनी पड़ती है ∣  जब वो ख्वाब देखता है ∣ आसमां को छुने का तो उस इंसान को बहुत कुछ सहना होता है ∣ अपनी शानदार एक्टिंग से लोगों का दिल जीतने वाली मधुबाला भी उन्हीं लोगों में से थी जिनका जीवन एक मर्मिक उपन्यास के पन्नों की तरह है ∣  कहते हैं जब वो छोटी थी तब उनके पिता ने एक दिन उन्हें अनाथ आश्रम में जाकर फेका दिया ∣ इसका एक मात्र कारण गरीबी था ∣   बाद में उनकी मां के समझने के बाद वो फिर वो उन्हें घर लेकर आए थे ∣ अभावों में पली मधुबाला का जीवन भले हमारी तरह सामान्य नहीं था ∣ जो तालीम जैसी मूलभूत चीज भी न ले पायी थी  किन्तु उन्हें जिंदगी को काफी करीब से देखा था ∣  मात्र अपनी उम्र के 36 साल जीने वाली मधुबाला का फिल्मी करियर बड़ा रोमांचक भरा रहा है जिन्होंने नील कमल और काला पानी जैसी अनेक मूवी की है ∣ लेकिन तब वो चर्चा में आयी जब उन्होंने मुगले आजम में अनारकली की भूमिका अदा की ∣ भले ही इस मूवी को आलोचकों के द्वारा ज्यादा    न सराहा गया हो किन्तु मधुबाला की एक्टिंग के चलते उन्हें बेस्ट फिल्म एक्टर के लिए भी नामांकित ...

WORLD RADIO DAY

हर साल 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस मनाया जाता है। इससे मनाने की घोषणा 2011 में यूनस्को ने की थी  यूनेस्को ने अपनी घोषणा में इस बात पर जोर दिया था कि रेडियों ऐसा माध्यम है ∣ जो कमजोर तबको से लेकर अल्पसंख्यकों तक अपनी बात पहुंचता है। तब से ये दिवस मनाया जाता है। बता दे कि रेडियों एक ऐसा सशक्त माध्यम है जो साक्षर से लेकर निक्षर के लिए उपयोगी होता है। जो कम समय में लोगों को वो सारी महत्वपूर्ण चीजें बता देता है जो कि लोगों को जानना जरूरी है। जब भारत में रेडियों की हम बात करते है तो पाते है कि राजनेता से लेकर प्रधानमंत्री ने अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए रेडियो का सहारा लिया है। इसके चलते वो जन मानस का पंसदीदा माध्यम बन गया। इसकेअलावा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने लोगों को संबोधन करने के लिए भी रेडियो का माध्यम चयन किया।  भारत में सखी सहेली. हेलो फरमाइश , कृषि दर्शन और युवावाणी जैसी पसंदीदा कार्यक्रम के चलते ये एक समय तक लोगों के बीच में काफी चर्चा का विषय बना गया था। आज ए. एफ ए्म हर कोई सुन रहा है । ये पहले की तुलना में और ज्यादा विस्तारित हो गया है।  इसी क्रम में रेड...

हर मोहब्बत करने वाले को गहरा संदेश दे जाती है'एक दूजे के लिए' मूवी

मोहब्बत की कहानी अक्सर जितनी सुनने में मधुर लगती है। उतनी वास्तव में मधुर होती नहीं है। उसके पीछे काफी संघर्ष छुपा हुआ होता है।  वैसे तो मोहब्बत पर बहुत सी मूवी बनी हुई है। जो लोगों को काफी पसंद है किन्तु उनमें से ऐसी बहुत कम ही मूवी है। जो उसके पीछे की वास्तविकता को व्यक्त करने में सफल हो पाती है। उसमें से ही एक मूवी है" एक दूजे के लिए '' जो कि मोहब्बत के कड़वी सच्चाई को बयां करती है जो आज भी हमारे समाज में मौजूद है। इस मूवी में सपना और वासु की मोहब्बत की कहानी को बताया गया है। जो कि काफी दर्द भरी है। जो दर्शको की आंखों में आंसू ला देती है । जहां एक तरफ पूरा परिवार उनका साथ देने से मना कर देता है। वहां दर्शका दीर्घा में बैठी जनता उनका साथ देती नजर आती है। जो कि चाहती है कि सपना और वासु साथ आ जाएं किन्तु अफसोस वो चाह कर भी नजदीक नहीं आ पाते है। मूवी में आगे ऐसी बहुत सी दर्दनाक घटना होती है जो सबको तोड़ कर रख देती है।   इस मूवी का गाना 'सोलह बरस की बाली उम्र को सलाम' जैसे आज के समय में हर चाहने वाले व्यक्ति की दिल की धड़कना बन जाता है जिन्होंने कभी किसी से मोहब...

कहानी कहने का सही तारीक नृत्य है बताती है नाट्यम मूवी

नृत्य कथा कहने का सबसे सशक्त माध्यम है ∣ जो आज भी लोगों के बीच काफी पॉपुलर है ∣ एक अच्छा नृत्य वहीं माना जाता है जो अपनी प्रस्तुति के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचा देता है∣  जब हम नाट्यम  मूवी की बात करते हैं ∣ तब पाते हैं ये मूवी दर्शकों के सामने अपनी   कहानी को रखने में सफलता पाती है ∣ जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है ∣ दर्शकों की जिज्ञासा उसके साथ घटती बढ़ती है ∣ इस मूवी कहानी में हम पाते हैं ∣ कि एक ऐसा गांव है ∣ जो अपने नृत्य के लिए जाना जाता हैं ∣ जहां पर दूर -दूर से लोग कुचिपुड़ी नृत्य सीखने आते हैं ∣ किन्तु इसके बावजूद इस गांव में आज भी नृत्य को लेकर एक अंधविश्वास जुड़ा है ∣ जो कि उस गांव प्रसिद्ध  नृत्यांगना  कांदबिनी से जुड़ा है ∣  कांदबिनी के बारे में गांव में बात करना अपशगुन समझा जाता है ∣ वहीं गांव की एक लड़की सितारा कांदबिनी की कहानी को जानना चाहती है ∣ वो बचपन से ही कांदबिनी जैसा बनने के लिए अपना जी जान लगा देती है ∣ इसी बीच वो अपने जीवन का एक ऐसा प्राण ले लेती है ∣ जो उसका पूरा जीवन ही बदल कर रख देता है ∣  इस मूवी का निर्दैशन रेवंत कोरु...

मोहब्बत के कुछ अफसाने

मो हब्बत करना अक्सर आसान होता है। मुश्किल तो उसे निभाना होता है। बिना स्वार्थ का होता है ये रिश्ता जिसको मजबूत बनाने के लिए एक दूसरों को समझना जरूरी होता है। केवल जरूरत पूरी करने वाली सोच छोड़, आगे बढ़ जाना होता है। आज के समय में गुलाब की कली सा होता है ये रिश्ता जो दिखने में बेहद खूबसूरत किन्तु कांटो की चुभन सा होता है। कुछ पल का ही होता है मोहब्बत में  हंसना और मुस्कुराना उसके बाद केवल   जुदाई का दर्द पीना होता है।  कुछ  रिश्ता का जैसे कोई नाम न हो तो ही अच्छा होता है। जो बदनामी से कहीं दूर होते है। कांच की तरह होते है ये रिश्ता एक बार भी पड़ जाए इसमें दरार तो ताउम्र के लिए दर्द देने वाले होते है। इसलिए तो कहते है इस रिश्ते को संजो के रखना सबसे मुश्किल होता है। बहुत रिश्ते ऐसे भी होते है जिनका वक्त के साथ कहीं खो जाना ही ठीक होता है। मोहब्बत करने वाले नहीं कर पाते अक्सर इजहार अफसोस वो रह जाते है खाली पड़े कागज की तरह जिनका नहीं होता कोई नाम न कोई खत ,न कोई वादे एक दूसरे का होकर भी ,नहीं हो पाते वो अक्सर मोहब्बत के कुछ रिश्ते  खत्म हो जाते है बिना कुछ कहे ह...

स्वर कोकिला लता मंगेशकर के वो गीत जो ताउम्र हमें याद रहेंगें

स्वर कोकिला के नाम से मशहूर लता मंगेशकर आज भी हमारे दिल में इस तरह से  बसी है जिनकी जगह कोई भी नहीं ले सकता है। लता जी के गाने की विशेषता है 'स्वरों की निर्मलता '।  जब हम उनके गीत को सुनते है तो उसमें खो सा जाते है। जो हमें जीवन के प्रति एक नया नजरिया दे जाता है। अपने चेहरे में सदा मुस्कुराहट का नुर लिए जैसे लता मंगेशकर हम सब को एक चेतावनी दे रही है। जीवन में चाहे जो परिस्थितियां आ जाएं किन्तु हमें हंसना नहीं छोड़ना है। जीवन के उतार चढ़ाव के बीच खुद को मजबूत बनाना है। आज के समय में जब अनेक तरह के भटकाव हमारी रातों की नींद छिन रहे है ऐसे में लता मंगेशकर के कुछ गीत से हम जीवन को जीने का सही इल्म सीख सकते है। तो आइएं, आज जानते हैं लता जी के गीत 1 . सोलह बरस की बली उमर को सलाम    ' प्यार इस दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास है  ' जब हम इस गीत को सुनते है तो पाते है । प्रेम करना तो आसान होता है किन्तु सबसे मुश्किल होता है उसे निभाना। वो लोग सच में शाबाशी के हकदार होते है । जो प्रेम करने का साहस करते है। इसके लिए वो अपनी हर अमूल्य चीज न्यौछावार कर देते है। सपना और वासु की ...

जीवन के रंगमंच में

जी वन के रंगमंच में जहां पर हम सब एक इंसान के रूप में क ई भूमिका अदा करते हैं ∣ जहां हर चीज वास्तविक होती है ∣ अनेक तरह के रस हमारे जीवन को मधुर बना रहे होते हैं ∣ वहां हम जीवन की परिस्थितियों के मुताबिक अभिनय कर रहे होते हैं ∣ एक तरफ हम स्वयं के अंदर चल रहे अंतर द्वंद्व से लड़ रहे होते हैं ∣ वहीं दूसरी तरफ हम बाहर की दुनिया से लड़ने के लिए खुद को मजबूत बना रहे होते हैं ∣  जीवन के उतार चढ़ाव के बीच हम अपनी हर जगह भूमिका निभा रहे होते हैं ∣ हम चाहे कितने भी दुख मे जीवन जी रहे होते हैं ∣ किन्तु जब हम बाहर की दुनिया में जाते हैं ∣ तो अपनी मुस्कुराहट के साथ आने वाले कल का स्वागत करते हैं ∣ अपना प्रदर्शन ये सोच करते हैं कि लोग हमें हमारी परिस्थितियों से नहीं बल्कि हमारी प्रस्तुति से जानते हैं ∣  

गीत की दुनिया के बीच हम

कहते हैं एक कलाकार की सफलता तब ही होती है जब वो लोगों को अपनी रचना के जरिये उन्हें हंस और रूला देता है ∣  आज के समय में जहां हर चीज मिनटों में मांगयी जा सकती है ∣ ऐसे समय में इंसान के पास एक चीज की सबसे ज्यादा कमी  है ∣  वो है किसी के साथ एक पल का साथ जो उसे अपना महसूस कराएं  ∣ उसे बताएं कि अभी फ्रिक करने की जरूरत नहीं है∣ मैं तुम्हारे साथ खड़ा हुआ हूं ∣ किंतु अफसोस आज कल ऐसे लोग बहुत कम ही मिल पाते हैं ∣  ऐसे समय में अकेले पड़े इंसान के लिए   गीत वरदान बन जाते हैं ∣   जो उसकी खामोशी की वजह को खोज उसे बेहतर महसूस करते हैं ∣   वो गीत ही तो होते हैं जो इंसान को जीने की वजह दे जाते हैं ∣ बड़े महान वो लोग होते हैं जो अपने दुख को गीत के जरिए खुद को अभिव्यक्त कर पाते हैं ∣

Idiot Medium कैसे बना हम सबके लिए जरूरी मीडियम

  रेडियो को जिस तरह ब्लाइंड मीडिया कहा जाता है ∣ जो कि केवल सुना जाने वाला माध्यम है ∣  ठीक उसी तरह टीवी को इडियट् बॉक्स के नाम से जाना जाता है ∣ जो इंसान को स्वयं की बुद्धि न लगाने को कहता है ∣ जहां कल्पना और सोचने जैसी कोई बात ही नहीं होती है ∣ इसके चलते इसे 'इडियट्स बॉक्स ' भी कहा जाता है ∣ ये वहीं टीवी है जो हम  बचपन से लेकर बड़े होने तक देखते है ∣ जहां एक तरफ छोटे के रूप में कार्टून तो वहीं दूसरी तरफ   बड़े होने पर हम रियलिटी शो, टीवी सीरियल देखते है ∣ ये Idiot Medium हम सब को कुछ वक्त के लिए जिंदगी की भाग दौड़ से दूर एक आराम वाली दुनिया में ले जाता है ∣

सपने देखना क्यों जरूरी है बताती है फैशन मूवी

कहते हैं कि किसी भी चीज़ को पाना है तो एक पल के लिए सबकुछ भूल आगे निकलना पड़ता है ∣ इसी बीच ऐसा पल भी आता है जब हम ऊंचाई पर पहुंचकर सबकुछ भूल सा जाते हैं ∣  इसके चलते जिंदगी में ऐसे पड़ाव भी आते हैं जो हमें जीवन की सच्चाई बताते हैं∣ कि चाहे कितनी भी ऊंचाई पर आ जाओं पांव जमीन  पर टिके होना चाहिए  ∣  फैशन मूवी भी मेघना की कहानी लेकर हम सब को ग्लैमर लाईफ के पीछे का सच दिखाती है ∣   चाहे कितनी भी सफलता क्यों न हासिल कर ले किन्तु उसमें संतुलन बनाना बहुत जरूरी होता है ∣ जीवन के अच्छे बुरे पड़ाव के बीच खुद को जिन्दा रखना होता है ∣ इस को लेकर ये मूवी बनी हैं ∣ इसके निर्देशक मधुर भंडारकर है ∣ इसमें लीड रोल की भूमिका प्रियंका चोपड़ा ने निभाई है ∣ बाॅक्स आफिस पर भी इस मूवी ने शानदार प्रदर्शन किया है ∣