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Showing posts from May 13, 2022

किसी प्रक्रिया से होकर गुजरना होता है

किसी भी काम को हम जब हम लगातार करते हैं ∣ तो हमारे लिए जरूरी हो जाता है कि हम उसे एक लंबी अवधि तक करते रहे उस प्रक्रिया के बीच में खुद को रखकर आगे बढ़ते रहे ∣ जिस तरह सृजन करने के लिए एक लेखक को एक विशेष प्रकार  प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है ∣ जहां पर उसे अपने जीवन की एक लंबी अवधि तक  अनुभव से अनुभूति  कर खुद उसे शब्दों के जरिए अभिव्यक्ति करना पड़ता है ∣ तब जाकर वो एक प्रक्रिया की उस परिणति को हासिल कर पाता है ∣ जिसकी तलाश वो कब से कर रहा था?  कई बार जब मुश्किल हो जाता है लगातार चलते जाना तब भी एक अच्छे परिणाम के लिए हमें चलते जाना होता है ∣ जब हम ऐसा करते हैं तब हमें खुद को तैयार कर पाते हैं जिंदगी में कुछ नया करने के लिए हमें खुद पर विश्वास करके लगातार प्रयत्न करते रहना होता है ∣ मुश्किल मिलें या न मिले मुकाबला जारी रखना जरुरी होता है ∣ किसी भी अवधि से गुजरने के लिए खुद पर विश्वास रखना जरुरी होता है ∣  तब जाकर मिलता है सोचा हुआ कुछ क ई बार खुद को तराशने के लिए  सूरज के तप सहकर आगे चलना होता है ∣

बढ़ती आवश्यकताओं के बीच कम होते संसाधन

     हम बचपन से पढ़ते आ रहे हैं कि मनुष्य की मूलभूत आवश्यकता रोटी, कपड़ा और मकान हैं  जिसे पाने का अधिकार सबका है ∣ साथ ही अपने देश के नागरिकों की मूलभूत आवश्यक्ताओं को पूरा करने की जिम्मेदारी उस देश की सरकार की है ∣ फिर भी  अगर कोई देश अपनी इस जिम्मेदारी का निर्वाहन नहीं कर पाता तो ये  तो ये उस देश के लिए शर्म की बात है  ∣ किन्तु अगर मानव अपनी इन मूलभूत आवश्यक्ताओं में दिन ब दिन बढ़ोत्तरी करता जाएगा तो इसमें   गांधी जी का एक कथन  पूर्ण रूप से सही होगा कि   प्रकृति मनुष्य की सभी आवश्यकताओं को पूरा कर सकतीं है किंतु एक लालची इंसान की कुछ भी नहीं ∣  आज एक तरफ जनसंख्या वृद्धि के कारण देश में जंगलों की कटाई कर वहां पर आवास बनाएं जा रहे हैं ∣ वहीं दूसरी तरफ  मनुष्य अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए  प्रकृति के संसाधनो का इस तरह से दोहन कर रहा है ∣ जिसका परिणाम आज हम जलवायु परिवर्तन के रूप में देख रहे हैं ∣ अगर हमने समय रहते अपने प्रकृति संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं किया तो वो दिन दूर नहीं जब हमें पानी की एक एक बू...