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Showing posts from December 22, 2020

परवाह

  कुछ लोग हमारी परवाह करते हैं कुछ की हम करते हैं ऐसे में वो लोग कम होते हैं जो केवल अपनी परवाह न करके सबकी परवाह करते हैं ऐसे लोगों को भले ही  मूर्ख कहा जाएं लेकिन वो हमेशा दूसरों के बारे में फ्रिक करते हैं. सब की तरह वो लोग भले ही नहीं जाने जाते हैं और न किसी पेपर के इस्तिहार की तरह उनके फोटो सजते फिर भी वो दूसरो की जिंदगी में रास्ता बनाने वाले कहलाते हैं....

अहं मेरे बालिका देश

जहाँ आज भी कन्या दान सबसे बड़ा दान माना जाता है नौ कन्या को भोज कराना किसी मांगलिक कार्य में सोने में सुहागा माना जाता है ऐसे देश में नवजात बेटी की हत्या करना उसके साथ अपराध करना हम सब के सामने एक प्रश्न खड़ा करता है कि आज क्या सच में हम आधुनिक हुए या आज भी हम रूढ़िवादी और पितृसत्तात्मक के बोझ के तले दबे है जहाँ हम सिर्फ किसी एक वर्ग को ज्यादा दूसरे को कम आ़ंका  रहे हैं आए दिन अखबार में आ रही बालिका हत्या और उनके साथ किए गए अपराध हम सब को बेटी की सुरक्षा के लिए तमाम प्रश्न उठाने को मजबूर कर रहा है . आखिर कब तक इस देश में बेटियों के साथ रेप और उनकी हत्या की घटना होती रहेगी और हम यू ही विरोध के नाम पर कैडल  मार्च निकालते रहेगें??