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Showing posts from March 25, 2021

 ‌ न शब्द जितना दिखने में सरल दिखाई देता है अक्सर किसी से न कहना उतना ही मुश्किल होता है आधी जिंदगी अक्सर लोग दूसरों के हां के इंतजार में जहाँ एक सदी इंतजार कर लेते हैं वहीं दूसरी तरफ लोग असहमति के बावजूद उस काम के लिए न करने से डरते हैं कि कहीं सामने वाला  इसके चलते कोई गुनाह न कर ले अक्सर  जहाँ लोगो  का कुछ न बोलना किसी विशेष निर्णय लेने में तो वो व्यक्ति का हां समझ जाता है वही दूसरी ओर  इसके विपरीत वो अक्सर न करने के बावजूद उसे हां कहने को मजबूर कर दिया जाता है जो गीत के माध्यम से भी हम समझ सकते हैं जिसकी एक पंक्ति ' तु हां कर या न कर तेरी मर्जी ' ये गीत एक तरफ देखने पर बड़ा हम दिल सा लगे किन्तु आज भी अक्सर कुबूल है कुबूल नहीं के बीच अक्सर क ई जोया की जिंदगी खराब हो जाती है न करने की हिम्मत रखना आज के समय हां करने की हिम्मत से ज्यादा जरूरी है क्योंकि अक्सर न 'न करने के चलते  लोग की जिंदगी खराब हो जाती है इसलिए जर होशियार रहे इस ' न ' शब्द से  नहीं तो ये शब्द ही आपकी जिंदगी को खराब करने के लिए काफी होगा.