जिस तरह हम अपनी सैलरी से अपने एक माह के खर्च के लिए और कुछ निवेश के लिए बजट बनाते हैं उसी तरह सरकार एक वर्ष के लिए बजट लेकर आती है जो सब लोगों के लिए छूट और नयी नयी योजना का तौहफा होता है कि सरकार की तरफ बजट केन्द्र में लोकसभा में और राज्य में विधानसभा में पास किया जाता है जिसे केन्द्रीय वित्त मंत्री और राज्य वित्त मंत्री पेश करती है इसे पहले ये राज्य और केन्द्र के सदनों में बिल की तरह पास कराया जाता है जिससे बनने से पहले सभी पक्ष और विपक्ष की राय की ली जाती है और बिल को पास होने से पहले सरकार के पक्ष और विपक्ष के बीच वाद विवाद होता और फिर बहुमत के साथ बिल पास किया जाता है जिसे वितीय बिल कहा जाता है. उसी प्रकार बजट पारित करने से पहले राष्ट्र पति का अभिभाषण होता है जिसमें राष्ट्रपति केन्द्र सरकार की उपलब्धि को बताते है. किसी भी बजट का विश्लेषण करने के लिए की बजट अच्छा है कि नहीं हमें कुछ शब्दावली मालूम होनी चाहिए 1.अतिरिक्त बजट- जिसमें सरकार की प्राप्तियां विनिवेश से अधिक अनुमानित राजस्व के कारण प्राप्तियों (शुध्द उधारियो के अतिरिक्त) के पैसे का अनुमान होता है. 2.वोट आन अकाउंट जब केन्...
वो बात जो जरूरी है