क्रांतिया जब जब आएगी जब हम आजाद होंगे गुलामी से अपने विचारों की लंबाई से जब हम गलत और सही में फर्क करना सीखेंगे पर इस बीच हम भूल न जाए मूल क्रांति किसे के लिए की जानी चाहिए किस के लिए नहीं इसका समझना होगा मूल।
वो बात जो जरूरी है
वो बात जो जरूरी है