" भारतमाता ग्रामवासियों खेतों में फैला है श्यामल, धूल भरा सा मैला आँचल" मैला आंचल फणीश्वरनाथ नाथ रेणु के द्वारा रचित उपन्यास है जिसकी कहानी बिहार के पूर्णिया जिले की है ∣ उपन्यास की कहानी में लेखक के द्वारा एक ही गाँव को पिछड़े का रूप बनाकर लिखी गयी है ∣ जहां पर इसकी सुन्दरता से लेकर उसकी कुरूपता पर लेखक ने अपनी स्वतंत्र कलम चलायी हैं ∣ इस उपन्यास की कहानी का मुख्य पात्र एक डाॅक्टर हैं जो विदेश से पढ़ाई कर एक गाँव में अपनी सेवा देने जाता है ∣ जो वहां के लोगों का इलाज करने के साथ उन्हें खुशहाल देखने की इच्छा रखता है ∣ जब गाँव में हैजा फैलता है तब डाॅक्टर को हैजा से मुक्त करने से लिए सभी गांववासियों को जबरदस्ती इंजेक्शन भी लगाता है जिसके लिए उसे काफी मशक्कत करनी पड़ती है ∣ फणीश्वरनाथ रेणु ने डाॅक्टर के गाँव के प्रति सकारात्मक रवैये के साथ अपने उपन्यास का अंत किया है जिसमें डाॅक्टर ये निश्चित कर लिया है कि वो शहर न जाकर यहां के लोगों का इलाज करेंगा ∣ इसके अलावा रेणु ने अपने पात्रों के भावों को सुंदर रुप से अभिव्यक्त क...
वो बात जो जरूरी है