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Showing posts from August 21, 2022

गाँव के किस्सों को एक सुंदर ढंग से कहता फणीश्वरनाथ रेणु का मैला आँचल

" भारतमाता ग्रामवासियों खेतों में फैला है श्यामल, धूल भरा सा मैला आँचल" मैला आंचल फणीश्वरनाथ नाथ रेणु के द्वारा रचित उपन्यास है जिसकी कहानी बिहार के पूर्णिया जिले की है ∣  उपन्यास की कहानी में लेखक के द्वारा  एक ही गाँव को पिछड़े का रूप बनाकर लिखी गयी है ∣  जहां पर इसकी सुन्दरता से लेकर उसकी कुरूपता पर लेखक ने अपनी स्वतंत्र कलम चलायी हैं ∣  इस उपन्यास की कहानी का मुख्य पात्र एक डाॅक्टर हैं जो विदेश से पढ़ाई कर एक गाँव में अपनी सेवा देने जाता है ∣  जो वहां के लोगों का इलाज करने के साथ उन्हें खुशहाल देखने की इच्छा रखता है ∣ जब गाँव में हैजा फैलता है तब डाॅक्टर को   हैजा से मुक्त करने से लिए सभी गांववासियों को जबरदस्ती  इंजेक्शन भी  लगाता है जिसके लिए उसे काफी मशक्कत करनी पड़ती है ∣  फणीश्वरनाथ रेणु ने  डाॅक्टर के गाँव के प्रति सकारात्मक रवैये के साथ अपने उपन्यास का अंत किया है जिसमें डाॅक्टर ये निश्चित कर लिया है कि वो शहर न जाकर यहां के लोगों का इलाज करेंगा  ∣  इसके अलावा रेणु ने अपने पात्रों के भावों को सुंदर रुप से अभिव्यक्त क...