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Showing posts from June 4, 2023

वो खौफनाक मंजर के बीच जिंदगी

जहां नहीं शेष कोई आश चारों और बिखरे सिर्फ मृत अवशेष ऐसे में ये जिंदगी अपना एक अलग रंग दिखाती है।  क ई बार सबकुछ खत्म‌ हो जाने पर भी मिल जाती है जीने की उम्मीद तो क ई बार अपना जीवन शेष बाकी सब मृत शेष देखकरऐसे वक्त में भी जिंदगी जैसे हम पर अपना क्रोध जता रही होती है इसके बावजूद जो लोग  लड़ते हैं उस खौफनाक मंजर से जहां जिंदगी रहने की उम्मीद कुछ शेष न रहती है।