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Showing posts from October 27, 2020

एक नजर इस पर भी

रोज हम लोग आईने या कैमरे के सामने जाते हैं और खुद को उसमें देखते हैं और लगातार खुद को देखते रहते हैं भले ही जब हम कुछ नहीं बोल रहे होते किन्तु उस समय हम से कई लोगों की आंखों उनके काम का जुनून बोल रहा होता है कि उन्होंने क्या करना है और व़ो खुद को कैसे बेहतर कर सकते हैं. हम से कुछ लोग आज भी सपने खुली आंखों से देखते हैं जिसें वो पूरा करने की सोचते हैं जिसके लिए वो मेहनत करते हैं खुद को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम करते हैं और खुद को तराशने के लिए खुद को ही चुनौती देते हैं और जब आईने के सामने जाते हैं तो एक अलग ही चमक उनकी आंखों में दिखाई देती है.