"बालक मृणालिनी ज्यों तोरि डारै सब काल, कठिन कराल त्यों अकाल दीह दुख को" केशवदास जिसका अर्थ कुछ इस तरह से है कि जिस तरह बालक कमल की डाल को किसी भी समय आसानी से तोड़ देता है ठीक उसी तरह गणेश असमय में आए विकराल दुख को दूर कर देते हैं. आज गणेश चतुर्थी है जिसे आप सब अवगत होगे आज गणेश जी की मूर्ति घर घर स्थापित होगी. आमतौर पर यह त्यौहार सभी जगह पर मनाया जाता है लेकिन महाराष्ट्र में इसकी सबसे ज्यादा लहर दिखाई देती है. आईए जानते हैं आज गणेश जी के बारे में कुछ न ए पहलू जिन पर हमें जरूर विचार करना चाहिए. * . एकदन्तं गणेश - जिसमें हमें वो जीवन की परेशानी का सामना करना बताते हैं. * बुध्दि के देवता गणेश - यू तो हम सब जानते हैं कि गणेश मूसक की सवारी करते है लेकिन बहुत कम ही ये जानते हैं इसके पीछे भी एक पौराणिक कहानी जुड़ी हुई है जब कार्तिक और सभी देवता और गणेश की प्रतियोगिता रखी थी जिसमें सब को पूरे पृथ्वी के तीन चक्कर लगाने थे जिसे स्वयं सूर्य भगवान भी शामिल थे जिस कारण धरती पर अंधकार छा गया था तब गणेश ने कैलाश लोक में द...
वो बात जो जरूरी है