Skip to main content

Posts

Showing posts from September 13, 2020

राग दरबारी

राग दरबारी  पुस्तक समीक्षा  परिचय रागदरबारी मुख्य रूप से शहर से दूर एक गाँव जिसका नाम शिवपालगंज है  उस पर आधारित है   इसमें बताया गया है किस तरह गाँव में आज भी ज्यादा कुछ नहीं बदला लोग अपने काम को घूस देकर ही करते हैं जहाँ स्कूल कालेज खुले जरूर है किन्तु उनमें वो शिक्षा कम ही दी जाती है जिसकी उनको जरूरत है. श्रीलाल शुक्ल  ने   राग दरबारी के माध्यम से न सिर्फ समाज  की अनेक विषमता को व्यंग्य के साथ  बताया है बल्कि समाज पर एक तरह का तंज भी कसा है जिसका मुख्य किरदार बाबू रंगनाथ  है जो शहर से गाँव घूमने आता है जहाँ वो हर चीज को देखकर बड़ा अचम्भित होता है जहाँ बच्चे को स्कूल से लेकर घर तक एक अलग ही पाठ पठाया जाता है  जहाँ राजनीति से लेकर गाँव का साधारण व्यक्ति भी किस तरह से किसी सत्ता से प्रभावित है वो उसे स्पष्ट तौर पर देखता  है .  भाषा शैली  इसकी भाषा शैली में मुहावरे का उपयोग बहुत सही तरीके से किया है जैसे चोखा काम, चोखा दाम   तो वहीं  दूसरी और  इसमें गामीण भाषा का तो उपयोग किया ही गया है साथ ही ...