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Showing posts from April 26, 2023

कड़वे सवाल पूछती समाज से 2001 में आयी लज्जा मूवी

मर्यादा मत तोड़ो तोड़ी हुई मर्यादा तुमको कुचलकर रख देगी।  आज भले ही 2023 का साल चल रहा हो, किन्तु अफसोस हमारे आस पास मौजूद लोगों की सोच वही पुराने जमाने की है ∣ जो समय के साथ अपने कपड़े और रहन सहन में तो‌ बदल गए पर सोच वहीं रखी।  कि लड़की को ज्यादा पढ़ने का मतलब उसे आजाद करना है ∣ एक लड़की जब विदा होकर जाती है तो फिर लौटकर नहीं आती है ∣ यहां एक लड़की को जरूरी है अपनी पवित्रता का प्रमाण देना।   साहित्य की तरह सिनेमा भी  समाज का   दर्पण होता है ∣ जो उसका का प्रतिबिंब दिखा रही होता है ∣  आज भी महिलाओं के खिलाफ किए जा रहे अपराधों में ज्यादा कुछ परिवर्तन नहीं आया है ∣ जहां लड़की के परिवार से दहेज की मांग, लड़की का घर की चार दीवारी में रखने की सोच में ज्यादा परिवर्तन नहीं आया है ∣ इन्हीं सभी विषयों पर  2001 में राजकुमार संतोषी की डायरेक्ट में आयी मूवी 'लज्जा' वो कड़वे सवाल कड़वे इस समाज से पूछते है ∣ जहां देवी रूप समझी जाने वाली स्त्री की ही हर जगह सिर्फ परीक्षा लेना उचित समझा जाता है ∣ जहां हमेशा गलत वो‌ लड़की ही होती है ∣ जो केवल इस दुनिया में एक स्त्...