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Showing posts from January 30, 2024

वो आत्महत्या नहीं सिर्फ हत्या है

जो की जाती है  परिवार,  समाज  के द्वारा जहां किसी को  उसके जीवन का अंतिम लक्ष्य केवल एग्जाम  पास करना  करार कर दिया जाता है। फिर चाहे खुद हो उसे पास  करने की इच्छा या न  एक जिंदा इंसान को लाश   बनाने की कोशिश में हर कोई लग जाता है। जिसमें वो सब जिम्मेदार है जो उसे ये अहसास करते है कि ये एग्जाम ही उसकी दुनिया है जो उसे तनाव की दुनिया में ले जाता है। जो सफल हो जाता है वो   इस दुनिया में  अपना नाम बनाता है जो हार जाता है वो इस दुनिया से कहीं गुमनाम हो जाता है । जो असफलता उसे हर तरह से हारा देती है  जो उसे अपने प र विश्वास करना भूला देती है कुछ नंबरों पर निर्भर उसकी जिंदगी हो जाती है जो उसे भीड़ में भी अलग खड़ा कर देती है। आसान नहीं  होता है  एक प्रतियोगी परीक्षा को पास करना जहां जैसे आर या पार की लड़ाई होती है। जो  उसे धीरे धीरे खत्म कर देती है जो थोड़ी बहुत उम्मीद उसे होती है वो तब खत्म हो जाती है जब उसे ये चुनौती मिलती है किसी भी हाल में उसे ये एग्जाम पास करना है।  जहां से उसकी जीने की इच्छा  ध...