दुनिया इस कदर तनाव में डूब सी गयी है कि उसे अपने आस पास फैल रही छोटी छोटी खुशी की लहर दिखाई ही नहीं देती जो अक्सर उसे छू कर निकल जाती है. आज कई लोग हमारे जिंदगी में ऐसे है जो अपने काम में बहुत मेहनती हैं जिनके काम देखकर एक अलग सी खुशी होती है जो अपने काम में बहुत संतुष्ट है और की तरह वो ज्यादा पाने की लालच में नहीं है बल्कि अपनी जिंदगी के हर पल को जी रहे हैं लोगों की तरह कुछ गीत आज हमारे दिमाग को फिर एक बार तरो ताजा कर देते हैं जब हम इन्हें सुनतेे है उन्ही में से एक है प्यासा मूवी का ये गीत जिसके बोल मोहम्मद रफी के है मालिश! तेल मालिश! चम्पी! सर जो तेरा चकराए या दिल डूबा जाय आजा प्यारे पास हमारे काहे घबराए, काहे घबराए तेल मेरा है मुशकी गंध रहे खुशकी जिसके सर पर हाथ फिरा दू चमके किस्मत उसकी सुन सुन सुन अरे बेटा सुन इस चम्पी में बड़े बड़े गुण लाख दु : खो की एक दवा है क्यो न आजमाये काहे घबराए, काहे घबराए...
वो बात जो जरूरी है