रामायण दिखाता है सीता जैसी स्त्री के स्वाभिमान की कहानी "सीता माँ की आंख के तारे लव कुश है नाम हमारे" सीता की जिंदगी में जितने कष्ट थे उन कष्टों की हम कभी कल्पना भी नहीं कर सकते हैं जिनको सीता ने जीया और उसके बाबजूद लव कुश जैसे पुत्र को जन्म देकर उनका पालन पोषण किया जिसमें वाल्मीकि की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण रही. " आज के समय में कोई लड़की ये नहीं चाहेगी कि उसकी जिंदगी सीता जैसी हो इसलिए नही कि उसे वनवास हुआ उस पर प्रजा ने कलंक लगाया बल्कि इसलिए कि आज उसकी स्वतंत्रता कहीं ज्यादा खत्म हो गयी है ".
वो बात जो जरूरी है