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Showing posts from January 13, 2021

नौजवानों

  जब जिंदगी जी रहे हो तो थोड़े जख्म से पांव तुम्हारे क्यों रूकते है क्या कभी बिना असफल हुए  किसी के ख्वाब सच होते हैं,  जी रहे हो जिंदगी तो जीते हुए दिखाई दो  वरन् रोते हुए तो हर शख्स इस दुनिया में मौजूद रहते हैं खुद के लिए अगर नही खड़े हो सकते तुम तो क्या जिंदगी को जी रहे हो तुम?  कोई कुछ कहे तुम्हारे बारे में जब अकेले ख्वाब देखे तुमने  फिर क्यों गेरौ की बातों से मुंह फुलकर बैठे हो,  जिंदगी नहीं होती किसी की फूलों पर चलने जैसी कांटो पर चलने वाले को ही मिलती है मंजिल उनके जैसी जख्म हरे रहने दो तुम घाव के याद आए ताकि तुम्हें निशान पांव के,  जब जिंदगी जीना है तो अपने लिए जीओ क्या पता कल की शाम तुम जीओं या न जीओं,  दुनिया जमाने की फिक्र करते हो जमाना क्या जाने तुम्हारे जुनून को थोड़ी और मेहनत कर लो साहसी नौजवानों .

परिवर्तन की मधुर बेला

हम माने या न माने चंद महीनों में हमारी जिंदगी में हर तरह से परिवर्तन आ गया है जो हमारे कार्यस्थल से लेकर घर तक को बदल चुका है जिसकी हमने ने कल्पना भी नहीं की थी. क्या कभी आप ने सोचा की आप घर से बैठकर क्लास से लेकर अपनी काम का इंटरव्यू देगे किसी प्रतियोगिता में भागीदारी से लेकर उसके अंतिम चरण से लेकर पुरूस्कार जीतने तक सब एक एप के माध्यम से करेगे जिसमें कम समय लगेगा. हमारी जिंदगी कोरोना वायरस के बाद पूरी तरह बदल गयी है जहाँ हम सब तकनीकी पर तो निर्भर होने को मजबूर हो ग ए है वहीं जीवन हमें एक न ए सिरे से देखने को मजबूर कर रहा है. कहते हैं कि व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में जितना सीखता है उतना सामान्य परिस्थितियों में कभी नहीं सीख पाता .  याद रखिये समय हर दिन, हर पल समय बदल रहा है किन्तु आवश्यकता है खुद को परिवर्तन की ओर मोड़ने की तुम अगर स्वयं परिवर्तित नही हुए तो लोग तुम्हें परिवर्तित कर देगे इसलिए जरूरी है तुम्हारा बदलना.