Skip to main content

Posts

Showing posts from August 17, 2022

अब कर्तव्य की बात हो जाए

यू तो हम बात बात पर अपने अधिकारों का हनन हो जाने पर न्याय की बातें करते हैं ∣ ये उम्मीद करते हैं कि न्यायालय से हमें सही न्याय मिलेगा, हमारे साथ किसी भी तरह का अन्याय नही होगा किन्तु सड़क से लेकर घर तक हम अपने मूलभूत कर्तव्यों का अनादर ऐसे करते हैं जैसे हमारा उससे दूर दूर तक कोई नाता ही नहीं है ∣  अगर हमें देश को बेहतर करना है तो हमें स्वयं आगे आना होगा बात चाहे स्वतंत्रता की हो, स्वच्छता की हमें शुरूआत खुद से करनी होगी तब ही कुछ काम होगा ∣