परिवार का मतलब जैसे तब समझ आता है जब दिन भर से थका हारा कोई घर को वापस आता है। जहां पर नहीं होता किसी तरह का कोई दिखावा जहां इंसान खुद को पाता है। इसी बीच उस परिवार की अहमियत जैसे वो तब समझ पाता है जब घर की दहलीज नाप वो परदेश जाता है। जहां आसान नहीं होता है बिना परिवार के गुजारा करना सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक वो खुद को अकेला पाता है जहां नहीं होता उसका कोई हाल पूछने वाला अकेले में हंसता, अकेले में रो जाता है। किस्मत वाले होते है वो लोग जिन्हें परिवार के साथ रहने का मौका मिलता है। ये परिवार ही तो होता है जो हमें कभी हारने नहीं देता है जब आज जाएं कोई मुसीबत तब हौसला दे, लड़ने की हिम्मत देता है कई बार इसे बनाये रखने के लिए बहुत कुछ सहना भी पड़ता है। इस सब के बावजूद ये परिवार ही तो है जो सुंदर सपने बुनने की ताकत हमें देता है। कद्र करना इस परिवार की एक समय के बाद हमारा इन से सामना सिर्फ वीडियो कॉल से होता है। बड़ा याद आते है फिर वो पल जब हमने उनके साथ मिल अपना...
वो बात जो जरूरी है