Skip to main content

Posts

Showing posts from May 1, 2025

International Workers' Day

आज भी बहुत कुछ नहीं बदला है आज भी इंसान एक तरह का मजदूर ही है जो सिर्फ कॉरपोरेट का मजदूर हो गया है जहां जाने का समय निश्चित  पर आने का कोई समय नहीं है आज भी बहुत कुछ नहीं बदला है जहां नियम के नाम पर दस चीज पर सैलरी और अप्रेजल को लेकर सब कुछ वैसा ही चल रहा है आज भी बहुत कुछ नहीं बदला है।  फर्क महज इतना सा है कि इंसान आज डिग्री धारी कॉरपोरेट मजदूर बन गया है।