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Showing posts from February 21, 2024

एक दिन में नहीं मिलती राही को मंजिल

एक दिन में नहीं मिलती राही को मंजिल उसके लिए उसे हर परिस्थितियों में चलना होता है लगातार कोशिश करनी होती है बेहतर बनने की हर पल अपने ऊपर काम करना होता है कौन कहता है  एक दिन में मिल जाती है मुसाफिर को मंजिल इसके लिए उसे लगातार कोशिश करना होता है ∣ जहां कई बार वो हारता है कई बार उसका जीतना जरुरी होता है  इसके बावजूद उसे लगातार चलना होता है जहां उसकी मंजिल आसान हो ये बिल्कुल जरूरी नहीं होता है पर उसे अपने सपने सच करने  के लिए लगातार कोशिश करना ह़ोता है ∣