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Showing posts from April 20, 2020

कविता

संघर्षों की कहानी कहते  बहुत आगे जाना है,  जिसने ना देख दिन रात उसे दिन से भी आगे उसे ही जाना  तूफान तो आते ही रहे जिदंगी में लेकिन उन तूफानों  से लड़कर अपनी अपनी मंजिल बनना है जो आज न हो सका उसके लिए मेरा कल का क्या ठिकाना है,  संघर्षों की कहानी कहते  ऊंचा उठ जाना है ऐसा करते शायद में भूल जांऊ खुद को लेकिन मुझे कुछ कर दिखना है इतिहास की बात नहीं करती  मुझें तो मेरे आज को सजाना है मैं रहूँ यहाँ न रह हुं लेकिन मेरे जैसे लोगो को एक दिन मंजिल पाना है उठा लो  कलम अपनी और दौड़ लगाओ क्योंकि तो बस जिदंगी तो एक बहाना है आज नहीं तो कल सब को एक दिन जाना है.         पूजा