इंसान का संघर्ष कभी खत्म नहीं होता। केवल उसका रूप बदल जाता है। कड़वा पर सच है कद्र इंसान की नहीं बल्कि उसके पैसे और रूतबे की होती है। कड़वा पर सच है जिंदगी की आधी लड़ाई केवल हमारे चाहने पर निर्भर करती है। जिसके लिए हमें संघर्ष करना होता है।
वो बात जो जरूरी है