शत्रु कैसा भी हो किन्तु उसे कभी कमजोर नहीं मानना चाहिए , एक छोटी सी कोशिश भी लगातार करते रहने से एक बड़ा काम पूरा किया जा सकता है, जैसे विचार रखने वाले शिवाजी जिनका जन्म भले महाराष्ट्र में हुआ हो किन्तु वो हर भारतीय के दिल में है वो भले ही 16 वी शताब्दी के महानायक थे जो मुगलों से लौह लेने में कभी पीछे नहीं रहे उनके लिए मातृभूमि सबसे ऊपर थी आज उस वीर सपूत शिवाजी की जयंती है आज के दिन ही उनका जन्म हुआ था उन्होंने ' मराठा साम्राज्य ' की स्थापना की थी और उन्होंने छापेमार युद्ध नीति का सूत्र पात किया था साथ ही उन्होंने सामंतवाद का पुरजोर विरोध किया था उनकी ताकत का अंदाज हम इसे लगा सकते हैं कि औरगंजेब जिसने भारत को नुकसान पहुंचाने की कोई कसर नही छोड़ी थी सिखों के गुरु को मार दिया था उसे डर था कि अगर कभी उसका शिवाजी से युद्ध होता है तो वो उसमें हार जाएगा जिसके चलते उसने उन्हें अपने महल एक संधि करने के लिए बुलाया और उन्हें नजरबंद कर दिया कुछ समय पश्चात शिवाजी उस जगह से भाग निकले और फिर युद्ध के रण में मिले जहाँ शिवाजी ने उसे पराजित कर दिया उन...
वो बात जो जरूरी है