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Showing posts from April 23, 2020

सामाजिक बहिष्कार नहीं बल्कि

सामाजिक बहिष्कार नहीं बल्कि सोशल डिस्टेंसिग  की जरूरत है आज अगर हमारे आस पड़ोस में किसी को कोरोना वायरस हो जाए तो उसे हमें सोशल डिस्टेंसिग बनानी है न कि उनसे अपने सम्बन्ध खराब  करने है ध्यान रहे कि कोरोना वायरस  केवल हम और आप को नहीं बल्कि हमारे अपने की जिंदगी को भी नुकसान  पहुंचा रहा है लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं कि हम उन लोगों से बात करना छोड़ दे  जिनको कोरोना वायरस है  और इसमें भी जरूरी है कि जिन लोगों को कोरोना वायरस हुआ है वो लोग ऐसा न समझे कि वो  हमारे   दुश्मन हो गए हैं जिसके कारण हम उनसे बात नहीं कर रहे हैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है  उनसे हमने दूरी  केवल अपनी सुरक्षा के लिए रखी है . " ध्यान रहे कि कोरोना वायरस ने हमें दूर किया है लेकिन हमारे विचारों और हमारे आपसी भाईचारे को नहीं ".

विचार

1.अपने महत्वपूर्ण कार्य के लिए खुद से ज्यादा किसी और  पर विश्वास न करना ही अच्छा होता है क्योंकि जरूरी नहीं जितना तुम उसे महत्व देते हो वो भी दे. 2.अपने काम के लिए खुद प्रतिबद्ध होना सीखों. 3.समय तो आता जाता रहेगा फर्क सिर्फ इससे  पड़ेगा कि तुमने उस समय क्या किया. 4.किताब ही सबसे ज्यादा सच कहने वाली होती है क्योंकि उन्हें फर्क नहीं पड़ता किसी के रोने धोने से. 5.आज को जीने के लिए सबसे बेहतर है अभी को जीओं. 6.अपने काम के लिए किसी और पर निर्भर होना उतना ही गलत है जितना कि अपनी गलती न मानना.