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Showing posts from July 17, 2021

वो फरिश्ता बनकर हमारे जीवन में आते हैं

हम सब की जिंदगी में कोई न कोई ऐसे शिक्षक जरूर रहे हैं ।जिनकी डांट सारी क्लास में हम से ज्यादा किसी ने न खायी होगी । किन्तु वो हमें अपने जीवन में कुछ बेहतर कर जाने की सीख दे जाते हैं। उस समय हमें लगता है, कि कितने बुरे हैं वो दिन भर सिर्फ हमें ही डांट लगाते हैं। किन्तु जब हम करते हैं दुनिया से वास्ता तब मालूम चलता है, कि वो गुरु तो हमारे लिए उस कुम्हार की भांति थे। जिन्होंने हमें बाहर से चोट पहुंचायी तो हमें अंदर से सहारा दिया। हमें जीवन जीने के लिए अपनी गलतियों को सुधारने का मौका दिया। उनकी डांट से हमने एक आकार का ग्रहण किया।   ऐसे ही नहीं लिखा हिन्दी साहित्य के भक्तिकाल में सगुण भक्ति धारा में ये वाक्यांश कि " कि गुरु का ज्ञान ही संसार की अज्ञानता से मुक्ति दिला सकता है" हमें नयी दृष्टि प्रदान कर सकता है ।  इसलिए कीजिये खुद में सुधार कुछ बेहतर करने के लिए क्यों कि आप जीवन में बेहतर बनकर दे सकते हैं उपहार   अपने गुरूजन को, क्योंकि इस दुनिया में गुरु ही वो फरिश्ता होता जो हमें क्या अच्छा लगता है, वो नहीं अपितु जो हमारे लिए अच्छा वो करने को कहता है ।