बहुत कुछ पाना तो बहुत कुछ खोना होता है जिंदगी का ये तो एक वसूल होता है कभी हंसना तो कभी रोना होता है, किसी को पाना तो किसी को खोना होता है किसी का साथ मिल जाता है जिंदगी भर के लिए तो कोई हमेशा के लिए दूर होता है, तो किसी के लिए जिंदगी का रोना होता है कोई मोम की तरह पिघल कर एक मूर्ति का आकार लेता है तो किसी के लिए जीवन में कुछ बदला ही नहीं होता है , जिंदगी कुछ उसूलो से चलती है वरन् हर किसी का तो अपना एक अलग ही उसूल होता है, हर कोई जरूरी नहीं सूली पर ही चढ़े किसी के लिए जिंदगी ही सूली चढ़ने जैसा होता, जिंदगी आज शुरू तो कल खत्म होगी किन्तु किसी की नेकी का क्या कभी खात्मा होता है, हर किसी के अरमां होते हैं कुछ अलग करने के लिए लेकिन क्या हर अरमां पूरे हों, ये जरूरी होता कुछ पाने के लिए थोड़ा कुछ खोना होता है जिंदगी शुरू होती है एक कहानी बनकर खत्म होती एक खत बनकर.
वो बात जो जरूरी है