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Showing posts from December 19, 2023

हर दिल अपनी मर्जी से धड़कने दो

आज के समय में जहां हर चीज सिर्फ फायदे के लिए ही की जाती है ∣ फिर चाहें बात रिश्ता निभाने की ही क्यों न हो।  ऐसे में 'दिल धड़कने दो' मूवी हम सब को जिंदगी के प्रति एक अलग सा नजरिया देती है ∣ जो की  फैमिली ड्रामा है ∣ जिसकी कहानी अमीर वर्ग की परेशानी को केन्द्र में रखकर बनायी गयी है ∣ जहां पर मेहरा की फैमिली को बताया गया है ∣ जिनकी एक इंडिपेंडेंट बेटी आईशा और एक बेटा कबीर है । जो दोनों अपनी आजादी को जीना चाहते हैं।  जहां आईशा अपने पति मानव से खुश नहीं है वो उससे तलाक़ लेने की कोशिश में है ∣ वहीं मेहरा परिवार का एकलौता वारिस कबीर अपने आप को पिता की कंपनी के लायक  नहीं समझता है।  ऐसे में किस तरह से मेहरा फैमिली अपने बच्चों को सही राह दे पाती है ∣  उनके दिल की धड़कनों को किसी ओर की धड़कने बनने से रोक पाती है ∣ ये देखना फिल्म में बड़ा ही दिलचस्प होता है ।  जो हमें जीवन जीने का एक तरीका सिखाती है ∣ जहां हर किसी को अपनी इच्छा के मुताबिक जीने का हक है।  जब दो लोग एक दूसरे से प्रेम करें। तब वो एक दूसरे को उनकी तरह जीने की भी स्वतंत्रता दें।