Skip to main content

Posts

Showing posts from April 22, 2024

Earth Day: संभल जाओं वरना तुम भी न बचोगें

  Earth Day:   इसे आज की विंडम्बना कहें या इंसान का दोगलापन किन्तु सच्चाई यहीं है।  प्रकृति ने  जिस इंसान को जीवन यापन करने के लिए  सबकुछ दिया। उस का ही वो आज दुश्मन बन बैठा है। जिस पर वो अत्याचार की सारी हदें पार कर रहा है। अपने हित के लिए वो कभी जंगल को कांट रहा है। तो कभी धरती को चीरते पानी निकल उसे लहुलहुहान कर रहा है।   White Tiger Book Review:   https://poojabhopal.blogspot.com/2022/11/blog-post_26.html   जब इसे भी उसका जी न भरा, तो वो विकास के नाम पर मिलियन टन प्लास्टिक का कचरा उस पर रख रहा है।  बदलते फैशन के साथ खुद को अपडेट करने के चलते, खुद को सम्भल आज वो इंसान पृथ्वी (Earth) को बीमारु बना रहा है।   ये हाल बदलना होगा आज जहां एक तरफ Climate Change के चलते मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। गर्मी के मौसम में पानी गिरना आज सामान्य सा हो गया है। वहीं दूसरी तरफ आज जनसंख्या के विस्फोट के चलते, प्रकृति संसाधनों का शोषण हद से ज्यादा हो रहा है। जहां न जल बच रहा है न जंगल।  ऐसे में अगर सबकुछ जानकर भी ये इंसान मौन रहा, तो वो दिन दूर नह...