जहां हर कोई राग रहा अपना आलाप किस के सिर पर सजेगा जीत का ताज ये तो देखना , हर कोई रो रहा अपना दुख वोट मांगने जहां फरियादी आया है चुनाव विकास पर नहीं धर्म पर लड़ा जा रहा है जहां गाय , भैस सबकी बात होगी पर इंसान जैसे वहां से गायब हो चुका है राजनीति क्या चीज है इसे समझने के लिए चुनाव प्रचार से लेकर जनसभा का रोचक नजारा देखना है जहां झूठे आंसू रो हर किसी का मकसद चुनाव को सिर्फ जीतना है।
वो बात जो जरूरी है