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Showing posts from April 3, 2024

Nirmal Verma: निर्मला वर्मा का निबंध, जो आज भी पढ़ा जाना चाहिए

आज के समय में जब इंसान के पास समय कम चिंताएं  ज्यादा  है। ऐसे समय में कुछ पल के लिए दिल और दिमाग को सुकुन देने वाला अगर कुछ है तो वो साहित्य है। जो व्यक्ति को  अनुभव के मुताबिक,  हर बार  कुछ अलग अर्थ देता है। जितना उसका अनुभव होता है। उतना ही वो किसी साहित्य से ले पाता है।  इसी को विस्तार देते हुए हिन्दी साहित्य के महान लेखकों में शुमार निर्मल वर्मा Nirmal Verma  का निबंध 'साहित्य क्या करता है क्या करती है कला' हमें साहित्य के असली अर्थ से रूबरु करता है। काले शब्दों में छिपा हुआ होता है जादू जिसमें लेखक निर्मला वर्मा कहते है कि साहित्य में होते भले काले- काले शब्द ही है। लेकिन जब हम उसे पढ़ने बैठते है। उसकी दुनिया में खो सा जाते है। जहां एक वक्त के लिए जीवन की परेशानी से अलग हम किसी दूसरी दुनिया में प्रवेश कर जाते है। जहां हम खुद के किरदार को खोजने लगते है। हर किरदार के मर्म को समझते है हम वर्मा बताते है कि साहित्य एक ऐसी विधा है जिसके जरिए व्यक्ति अलग - अलग किरदार के अनुभव को ग्रहण करता है। जहां वो कभी एक प्रेमिका की वेदना को समझता है। तो कभी मा...