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Showing posts from October 22, 2021

जब वही रास्ते अजनबी से लगने लगे

  कब जिंदगी में सबसे नजदीक चीज अजनबी सी लगने लगती  है ∣ हमें मालूम ही नहीं चलता है जिंदगी के धक्को को खाते हुए हम एक नया पथ के साथी ह़ो जाते हैं मालूम ही नहीं लगता  जिंदगी में बदलाव ऐसे होते हैं जिनके बारें में हम ने कभी अनुमान ही नहीं लगाया होता जो हमारी वास्तविकता  बनकर  हमारे सामने आ खड़ा हो जाता है ∣ जैसे हमारे लिए सिर्फ एक सपना सा हो जाता है कब रोज चलने वाली सड़के  भूत और भविष्य के अंतर में आ जाती है  ज़ैसे मालूम ही नहीं लगता है ∣