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Showing posts from February 18, 2022

गलत

गलत सहना जितना गलत है उतना ही गलत चीजों को देखकर उसमें कुछ न बोलना और न रोकना है ∣ अक्सर हमारे सामने ऐसी क ई घटनाएं होती रहती है जिन्हें देखकर हम केवल इसलिए नजर अंदाज कर देते हैं क्योंकि वो हमारे साथ नहीं हो रही है ∣   हमें लगता है कि इससे हमारा क्या लेना देना है  ?  जबकि वो हमारे समाज में होने वाली सामान्य घटना नहीं होती है ∣  इसलिए अगली बार अगर हमारे सामने कोई ऐसी घटना घटे तो हम उसका विरोध करें न कि उसे खड़े होकर तमाशा सा देखें     ∣