किसी से सच ही कहा है जिंदगी में कुछ भी सोचना तब मूर्खता हो जाती है जब परिस्थितियां हमारे मुताबिक न हो जब चीजें हमारी सोच से विपरीत हो जहां हम केवल भागीदारी कर सकते हैं निर्णय नहीं ले सकते हैं वहां सबकुछ सही हो ये बिल्कुल जरूरी नहीं।
वो बात जो जरूरी है