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Showing posts from April 19, 2020

पुरूष समाज को आईना दिखती है सांड की आंख

"सांड की आंख" मूवी मुख्य रूप से हरियाणा की चंद्रो तोमर और प्रकाशी तोमर    की सच्ची घटना पर आधारित है  जिसमें वो शूटर होती है. जिस गाँव में वो रहती है उस गाँव में  महिलाऐं को सिर बिना ढके घर के बाहर तक नहीं निकल सकती गाँव के बाहर जाना तो दूर की बात है इस मूवी में एक डायलॉग जो दर्शको को अपनी ओर बहुत आकर्षित करता है कि बंदूक चलाने का काम तो केवल मर्द जात ही कर सकती है ये लुगाया के बस की बात नहीं जिसे पूरी तरह से इस मूवी की मुख्य पात्र  चंद्रो तोमर और प्रकाशी तोमर गलत ठहरा ती है. आज के समय में हरियाणा से मनु भाकर जैसी शूटर निकली है जिन्होंने ये साबित कर दिया है कि लड़कियां किसी से कम नहीं होती.