Skip to main content

Posts

Showing posts from August 18, 2020

एक परिभाषा ऐसी भी

   तुम लिखों एक कहानी एक राजा था एक रानी एक चौराहा जिस पर कई राहगीरों कि चलती   एक कहानी, बूंद - बूंद से भरता जैसे घड़ा वैसे ही जिंदगी में होती संघर्ष की कहानी कभी दर्द तो कभी खुशी की जुबानी, जिंदगी भी हो जाती आधी  भरी बोतल की तरह जिसमें केवल  किसी  को जुनून की प्यास होती, लेकिन फिर भी  काली रात न जाने कितनों के लिए बुरी  होती एक चिड़िया के घोसले की तरह   तो किसी के   घर की छत  होती, पूर्णिमा के चन्द्रमा की तरह क्या सच में किसी की जिंदगी पूरे चन्द्रमा की तरह होती, किसी के लिए तो घर पर ही काफी जंजीरे होती किसी के संग उसकी परछाई बन कोई साथ खड़ी होती, "जिंदगी की परिभाषा सबके लिए अलग होती" किसी क़ो गर्व होता उसके काम से तो किसी के लिए तो हर परिस्थिति एक गहरे कुए की तरह होती, ढेरों सवाल के जबाब मिल भी जाए लेकिन फिर भी किसी की जिंदगी की कहानी कभी न सुनी और देखी अनकही  सी होती, घड़ी के सुई की तरह ही हर समय की अपनी एक अलग कहानी होती बाजार में बिकता तो हर वो चीज है जो बिकाऊ है, लेकिन खुद के ख...