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Showing posts from December 26, 2019

सम्भव है

जब कभी घर से देर निकाले किन्तु कहीं जाने के जल्दी तो छूटाती हुयी बस को पकड़ लेने का जुनून सबार हो जाता है कभी  कभी तो जिस बस के लिये जा रहे होते है वो भी छूट जाती है फिर भी विश्वास ये रखते है कि दूसरी बस जल्दी मिल जाऐगी ठीक इसी तरह अगर हम अपनी जिंदगी में सकरात्मक रहे हर चीज को सकरात्मक देखे तो हमारी जिंदगी में कुछ बदले या न बदले हमारे जीवन जीने का नजरिया जरूर बदल जाऐगा। दोस्तो हमारे चारो तरफ नकरात्मक और सकरात्मक दोनों चीजें होती है हमें उसे किस नजरिये से देखते है ये ज्यादा मयिने रखता है।