आज है कल नहीं होगें। केवल एक याद बनकर किसी के जहान में होगें। पर अगर नहीं जिएं जीवन को आज अपनी पसंद से तो हम बिना खुशबू के फूल से होगें। चलों क्यों न आज एक शुरूआत करते है ∣ कोशिश कल से अब कुछ बेहतर पाने की करते है। आज बात अपने ख्वाब की करते है ∣ जीवन के कुछ अभाव कुछ भाव के बीच हमें जो मिला है उस पर नाज करते है । हर सुबह अपने साथ एक आशा की किरण लेकर आती है केवल इसे याद रखते हैं। निश्चितता और अनिश्चितता के बीच ये इंसान आया है ∣ जीवन में क्यों करें खेद की हमें ये नहीं,वो नहीं मिला है ∣ जो मिला है उसके साथ मिल खुद को बेहतर बनाने की कोशिश आज हम करते है ∣
वो बात जो जरूरी है