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Showing posts from July 3, 2021

Thought

  जिंदगी में हर कोई एक चुनौती के साथ जी रहा है ∣ महज फर्क सिर्फ इस से पड़ रहा है ∣ कोई उस चुनौती के बारें में दूसरे से कह देता है जबकि क़ो ई शांत रह जाता है ∣ क ई बार हम किसी की बात का उत्तर उसके गलत होते हुए भी नहीं देते है ∣ उसका कारण उससे अपनी तारीफ करना नहीं बल्कि बेवजह की बातों से दूर रहना होता है ∣ हर किसी को देखकर ये मत सोचो की मुझे उस की तरह बनना है क्योंकि आप जितना अपने बारे में जानते हो उसके बारे में नहीं ∣ किसी का चुनाव उसके दिखने से न कीजिए क्योंकि अक्सर चुप रहने वाले लोग समय आने पर बहुत कुछ बोल जाते हैं ∣

ये कैसा समाज है

नारी तू नारायणी,नारी तुम शक्ति है ,नारी है तो ये जग सारा है जैसी महान बातें करने वाला ये समाज जब उसी नारी के साथ अन्याय करता है ∣ उसे अपने हाथ की कठपुतली बनाता है ∣ तब ये कहने में बिल्कुल भी झिझक नहीं होती है कि ये पूरा समाज केवल और केवल पुरूषों के लिए बना है, जहाँ महिलाओं के भागीदारी तो केवल दिखावटी तौर पर है ∣ अलीराजपुर में एक महिला के साथ की गयी मारपीट हम सब को एक बार फिर ये कहने को मजबूर कर रही है ∣ कि कितना भी ये कह दिया जाए कि नारीवाद के चलते महिला पुरूषों का शोषण कर रही है ∣ पर वास्तविकता में इस आधुनिक समाज में महिलाओं  के  पास अपने अधिकार तक नहीं है ∣ जो एक नागरिक के होने चाहिए महज कुछ अपवाद देखकर हम अक्सर भूल जाए करते हैं कि ये वही समाज है जहाँ निष्कलंक     सीता   के चरित्र पर   प्रश्न किया था  ∣  तो  फिर सामान्य स्त्री के चरित्र पर झूठा लांछन लगाना कौन सी बड़ी बात है ∣ अहा  मेरे गोपांलक  देश ∣