सूचना का अधिकार 2005 में लाया गया जो नागरिकों को शासन से ऐसी सूचना को मांगने का हक देता है जो लोक हित और समाज कल्याण से सम्बन्धित होती है केन्द्र में केन्द्रीय सूचना आयुक्त जिसकी नियुक्ति राष्ट्र पति करता है केन्द्रीय सूचना आयुक्त लोकसभा में सरकार के विरोध में खड़ी सरकार के विपक्षी दल के नेता की होती है जिसका कार्य काल 5 वर्ष का होता है वही राज्य में राज्यपाल राज्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति करता है जो विधानसभा में सरकार के विपक्ष के सबसे बड़ा नेता होता है. व्यक्ति को सूचना प्राप्त करने के लिए एक निवेदन पत्र देना होता है जो कि इलेक्ट्रॉनिक रूप से और हाथ से लिखा होना होता. 2. किस विभाग की सूचना चाहिए और उसका कारण क्या है 3.इस निवेदन के साथ शुल्क भी देना होता किन्तु गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोगों को सूचना मांगने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं देन होता. 4. इस सूचना के जरिये व्यक्ति रिपोर्ट, दस्तावेज, लेख, बिल, प्रतिलिपि, आदि है. वर्तमान समय में इसमें कुछ संशोधन किए गए हैं किन्तु उसके बावजूद कानून की विश्वसनीयता बनी है ये आधिकार एक लोकतांत्रिक देश में सरकार से जनता को प्र...
वो बात जो जरूरी है