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Showing posts from April 17, 2022

न्याय का सही अर्थ

  कहते हैं न्याय में अगर देरी हो जाए तो वो अन्याय हो जाता है ∣ और अगर किसी बेगुनाह को सजा दी जाएं तो वो अन्याय से भी ऊपर हो जाता है ∣  किसी भी कानून को बनाते समय ये देखा जाता है कि वो अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को उसका लाभ मिल रहा है कि नहीं ∣ आज जहां एक ओर सहिष्णुता की लोगों में कमी दिखाई दे रही है वहीं दूसरी तरफ आज स्वयं को श्रेष्ठ अन्य को कमजोर सा समझने के चलते असमानता जन्म ले रही है ∣ जिसे जल्दी खत्म नहीं किया गया तो वो दिन दूर नहीं जब तराजू एक तरफ पूरा झुका हुआ होगा दूसरी तरफ खड़ा हुआ होगा तब शक्ति असंतुलन की ओर चली जाएगी ∣