जिम्मेदारी निभाना तब कठिन हो जाता है ∣ जब हम स्वयं अपनी कई नयी जिम्मेदारी के लिए खुद को तैयार कर रहे हो। जब खुद अनुभव करते हैं तब दुख और सुख के मायने बदल जाते हैं ∣ अक्सर हम जीवन में जिस को सबसे ज्यादा नजर अंदाज करते हैं ∣ वहीं आगे चलकर हमारी सबसे ज्यादा परीक्षा लेती है ∣ सब नियम कायदे इंसान तब बदल लेता है ∣ जब बात उसकी होती है ∣ त्याग एक ऐसी चीज है जो इंसान को बदल कर रख देती है ∣
वो बात जो जरूरी है