आज जहां हर चीज इटरनेट के दौर में पारदर्शी हो गयी है। ऐसे समय में भी आज न जानें क्यों उन चीजों पर बात करना शर्म सी माना जाता है जिन पर बात करना आज बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है। इसी बात को ध्यान में रखकर हर साल 28 मई को 'विश्व माहवारी दिवस' मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य माहवारी के बारे में लोगों को जागरूक करना है। उसके बारे में फैली कुरीतियों को खत्म करना है। आज जहां एक तरफ इंसान खुद को बहुत ज्यादा आधुनिक मनाने लगा है। वहीं दूसरी तरफ वो उन विषयों पर बात करने से दूर भागता है। जो कि हमारे समाज में केवल महिलाओं की समस्या मानी जाती है। जो गांव और शहरों में सामान्य सी समस्या है आज भी न तो माहवारी के बारें में खुलकर बात की जाती है न उसके चलते परेशानी का सामना कर रही, लड़की से ये कहा जाता है कि ये सामान्य सी बात है। हर लड़की को होता है इससे डरने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि इसके लिए कहीं हद तक जागरूकता फैलाते वो विज्ञापन है जो न सिर्फ इस पर अपनी बात कह रहे है बल्कि लोगों की पुरानी सोच को भी बदल रहे है। उन्हीं में से एक विज्ञापन हम सब...
वो बात जो जरूरी है