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Showing posts from March 21, 2020

अपने सपने खुली आँखों से देखो और उसे पूरा करो

लाईफ और स्टूडेंट के बीच का संघर्ष आज बहुत बड़ा हो  गया है   आज  कई स्टूडेंट का सपना बड़े कालेज में जाने का होता है और कुछ अपनी मेहनत से उस स्थान पर पहूंचते भी है. लेकिन अफ़सोस की कुछ उसमें   ही फंस से जाते हैं वो बाहर की चकाचौंध को देख कर ये भूल जाते हैं कि बाहर से जो चीज जैसी दिखती है वो वैसी नहीं होती कई बार हमें ऐसे लोग मिलते हैं जिन्हें देखकर हमें लगता है कि इनसे अच्छा तो कोई है ही नहीं और बाद में वो ही हमें सबसे बुरे लगने लगतै  हैं इन सब के बीच हम खुद को भूलने सा लगते हैं और केवल उसी के बारे में सोच कर अपना समय खराब करते हैं. लेकिन जो लोग इन सब से  अलग होकर अपने सपनों को पाने की चाह रखते हैं वो एक दिन जरूर मुकाम पर पहूंचते है 

अन्तर्राष्ट्रीय कविता दिवस

कविता क्या कहुँ इसका मैं क्या है कविता    कई विषयों पर लिखी जाती     ये कविता    कभी तेज धूप में लिखी जाती    तो कभी थके हुए   बदन से कही जाती   कविता लिखना   इतना आसान नहीं   फिर भी सोच समझ कर ये है   लिखी जाती.