अखिर कब तक वो दिन कहेंगे हम कहते हैं ये जमाना बदल गया है जहां लोग भी काफी ज्यादा बदल गए हैं लेकिन फिर आज भी क्यों पीरियड्स को लेकर लोगों में उतनी ही छोटी मानसिकता है जहां लोग आज भी उसका नाम लेने से बचते जहां लोग आज भी उसे वो दिन के नाम से संबोधित करते जहां लोग आज भी पैड शब्द बोलने से लेकर उसे खरीदने तक में शर्म है करते खरीदने जाओ आज दुकान में वहां भी उसे कागज में पैक कर देते जैसे ये पैड न होकर कोई बुरी चीज़ हो।
वो बात जो जरूरी है