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Showing posts from February 7, 2021

Sunday thought

निगाहें चाहे किसी की तरफ हो तुम्हारी अक्सर आईना तुम ही लोगों के बन जाते हो.  लोग कैसा भी सलूक करे तुम से तुम्हारी  गुस्ताखी अक्सर अखबार नामा हो जाती है. फिजूल की बातें अक्सर लोग से हो जाती है .  मिन्नत मांगों की सारी ख्वाहिशें पूरी हो उसकी जिसने दिन और रात धूप और छाव को खुद पर असर नहीं होने दिया. गुजारिश करो कि तुम नेक दिल जरूर हो भले लोग कुछ भी कहे तुम्हारे वास्ते. किसी अच्छी आदत को जल्दी छोड़ा जा सकता है किन्तु बुरी आदत को नहीं. थके हुए शरीर होने के बावजूद अगर काम करने की ललक है तो सच में तुम एक नयी दिशा की ओर मुड़ रहे हो. बुरी आदतें और हद से ज्यादा इच्छा बुरी होती है. दिन से ज्यादा लोग बदलते है लोग से ज्यादा अपने बदलते है जरूरत में कम होने वाली हर वो चीज याद रखनी चाहिए जिसने एहन वक्त में साथ दिया जब सुबह खमोश और रात शोरगुल थी.

अहिल्या

जिनकी नजरों में सोने चांदी से ज्यादा अमूल्य  चावल  है क्योंकि ये लोगों का पेट भरता है जो कीमती वस्तुओं को छोड़कर एक फल को चुनती है जो लोगों को फल दे सके ऐसी वीर साहसी अहिल्या बाई की आत्मकथा पर आधारित एक सीरियल ' अहिल्या बाई' शुरू हुआ है ये उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो इतिहास में कुछ नया जानने की इच्छा रखते हैं इसे इसलिए देखना भी जरूरी है कि इसमें नारी के एक ऐसे रूप को प्रस्तुत किया है जिसमें व़ो दुश्मनों को कड़ी चुनौती देती है वीर और पराक्रम से भरपूर इस नाटक को सभी को देखना चाहिए.अहिल्‍याबाई होल्‍कर को एक ऐसी महारानी के रूप में जाना जाता है  जिन्होने ने भारत के अलग अलग राज्‍यों में मानवता की भलाई के लिये अनेक कार्य किये थे इसलिये भारत सरकार तथा विभिन्‍न राज्‍यों की सरकारों ने उनकी प्रतिमायें बनवायी हैं और उनके नाम से कई कल्‍याणकारी योजनाओं भी चलाया जा रहा है ।