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Showing posts from September 19, 2023

महिला आरक्षण का विरोध करने से पहले

किसी भी समाज की प्रगति के लिए  दोनों पहिये का समान रूप से चलना  जरूरी होता है किन्तु जब इसमें असंतुलन की स्थिति पैदा हो जाती है। तब समाज में एक पक्ष मजबूत दूसरा कमजोर होता है। आज जब बात महिला आरक्षण की आती है तब ज्यादात्तर लोग उसके विपक्ष में खड़े होकर ये कह देते हैं कि  अगर वो काबिल है तो खुद को सिद्ध करें। आगे आएं अपना हक ले, उन्हें भला किसने रोका है ‌।  ऐसे में ये समझना जरुरी हो जाता है कि ये वहीं महिला है जिसकी कभी समाज के डर से, कभी रीतिरिवाजों के चलते स्वतंत्रता छिन कर दिया जाता है। ऐसे में जब एक महिला किसी क्षेत्र में आगे बढ़ती है । तब वो बहुत सी परेशानी का सामना कर वो अपनी राह को चुनती है ।  जब बात एक लोकतांत्रिक देश में आरक्षण की आती है तब समझना जरुरी हो जाता है ये बात एक दो लोगों की नहीं बल्कि देश की आधी आबादी की है ∣ जिनका विधानसभा से लेकर लोकसभा में प्रतिनिधित्व बहुत ही कम है ∣    न विकसित न विकासशील दोनों ही जगह पुरुष ज्यादा महिला का प्रतिनिधि कम है । उन्हें समानता दिलाने के लिए आरक्षण आज समय की मांग है क्योंकि ये उनका हक है ।...