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Showing posts from May 26, 2020

पिता का पुत्री पर विश्वास दिखती है " दंगल "

"म्हारी छोरियां छोरों  से कम  है के"  दंगल  मूवी मुख्य रूप से  कामनवेल्थ  रेसलिंग में  गोल्ड  जीतने   वाली पहली भारतीय महिला गीता फोगाट की कहानी पर आधारित है. इस मूवी में पिता अपने सपने को पूरा अपनी बेटियों के  द्वारा करता है जिस गाँव में लड़कियां को 14 साल की उम्र में विवाह कर दिया जाता है  ऐसे उस गाँव में गीता फोगाट और बबीता जैसी बेटियां अपने पिता की मेहनत से उस गाँव को गलत साबित किया 'कि पहलवानी केवल लड़के   नहीं बल्कि लड़कियां भी कर सकती है' इन लड़कियों के जीवन में  "म्हारी छोरियां छोरों  से कम  है के" बहुत सूट करता है. इस मूवी का वो डायलाॅग हम सब को प्रेरित करता है कि " तेरे हारने पर  तुझें गलियां देने वाले हजार लोग आऐगे  लेकिन तुझें सर्पोट करने वाला कोई भी नहीं ". इस मूवी के हर डायलॉग बहुत ही सही ढंग से सभी कलाकार ने   बोले है इस मूवी की स्किप्ट बहुत अच्छी लिखी है जिसमें आमिर खान की एक्टिंग ने चार चांद लगा दिए है. इस मूवी का गान  है- जो...

विचार

①स म स्या कम नहीं जीवन में फिर  भी लड़ने की ताकत रखनी चाहिए .  ②हि म्मत  हमेशा रखों क्योंकि हिम्मत वाले ही जिंदगी में कुछ कर पाते हैं. ③इ श्क कर खुद से क्योंकि ये दुनिया तेरी कीमत नहीं समझती. ‌④ ज  न्म एक बार लेते हैं और मरते भी एक बार ही है क्यों न करे ऐसा कुछ कि सदियों लोग तुझें  याद रखें. ⑤मां ग उसकी करो तुम जिसे तुम ले पाओं. काम  ही जिंदगी की कुंजी है. ⑦चु नौती ही जीवन की सच है ⑧द वाई नहीं दुआ काम आती है ⑨मु काम पाने के लिए कुछ अच्छा करना होता है