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Showing posts from May 17, 2020

अरे यायावर रहेगा याद

अज्ञेय यात्रा वृत्त का मतलब के वल ये नहीं कि उसमें किसी यात्रा का वर्णन किया जाए  इसमें उस स्थान के वर्णन के साथ,   सामाजिक, आर्थिक महत्व  और  उसका पौराणिक महत्व भी बताया जाता है   जिस स्थान का यात्रा वृत आप लिखा रहे हैं उसमें मुख्य रूप से ये बिन्दु पर बताना जरूरी है किस वाहन से वहाँ पर गये, किन अनजान लोगों से आपका परिचय हुआ उस यात्रा के दौरान क्या आप साथ ले गए.  अभी तक इस पर क्या लिखा जा चुका है किसी अत्यंत दुर्गम स्थान का यात्रा वृत लिखा जाता है इसे और सृजन शील बनने के लिए उस स्थान का चित्र भी प्रस्तुत किया जाएं तो सोने पर सुहागा होगा. अज्ञेय द्वारा लिखित यात्रा वृत " अरे यायावर रहेगा याद " जिसमें आपको इसके लेखन के नए तरीके मिलेगे और सबसे महत्वपूर्ण है कि इसे लिखने लिए आपको एक अच्छा संस्मरण लेखक होना जरूरी है.