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Showing posts from August 11, 2020

क्या होगी एक ऐसी सुबह

    आज भी हमारे देश में कुछ ऐसे लोग है जिनके सपने तो बड़े है लेकिन उनकी पहुँच बहुत कम है जिसका एक कारण पैसा है तो दूसरा जानकारी का अभाव होना  . आज हमें से ज्यादा लोग अपनी परेशानी को लेकर बैठे है हमें ये परेशानी है वो परेशानी है लेकिन क्या हमने सोचा ऐसे बच्चे के बारे में जो आज इस कोरोना महामारी में स्कूल से हमेशा के लिए दूर हो गया  है  जिसके  माता - पिता   मजदूरी करते हैं   आज समकालीन समय में हमें इस विषय पर विचार करने की जरूरत है कि भले ही हमारे संविधान में हमें  मौलिक अधिकार में  अनुच्छेद 21 के तहत शिक्षा का अधिकार प्राप्त है लेकिन अफ़सोस आज भी क ई बच्चे इस से वंचित है. "आज सभी स्टूडेंट को  खुद इतना बेहतर करने की जरूरत है कि हम ऐसे किसी एक बच्चे को पढ़ा सके. क्योंकि शिक्षा का असली मतलब अच्छे से  अच्छे  ज्ञान को लेकर किसी वंचित वर्ग को देना है." *क्या होगी एक ऐसी सुबह जब हर बच्चा पढ़ेगा *.

माखन चोर कृष्ण कन्हैया

  कृष्ण जो अपनी माँ देवकी की आठवीं संतान थे  पौराणिक कथा  के अनुसार  कृष्ण का जन्म मुख्यतः अपने  मामा को मारने के लिए हुआ था. महाभारत के समय श्री कृष्ण अर्जुन के सारथी बने थे जब अर्जुन अपने संगे सम्बन्धी से युद्ध करने को मना कर देते हैं तब कृष्ण  अर्जुन को गीता का मर्म बतते  है और कहते हैं कि "यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत : अभ्युत्थानमधर्मस्य  तदात्मानं सृजाम्यहम् " जिसका अर्थ  हे अर्जुन, जब जब धर्म की ग्लानि - हानि होगी और अधर्म में वृद्धि होती है, तब तब  मैं  श्रीकृष्ण धर्म के अभ्युत्थान के लिए स्वयं की रचना करता हूँ अर्थात मैं अवतार लेता हूँ. आज वर्तमान समय की परिस्थितियों में ये गीत आज की दशा को स्पष्ट रूप से कृष्ण के ( गोविन्द ) बताता है. आज कलयुग मे ले के अवतार ओ गोविन्द अपने भक्तों की सुनले पुकार हो गोविन्द अपने भक्तों की सुनले पुकार हो गोविन्द