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माखन चोर कृष्ण कन्हैया

 कृष्ण

जो अपनी माँ देवकी की आठवीं संतान थे  पौराणिक कथा  के अनुसार  कृष्ण का जन्म मुख्यतः अपने  मामा को मारने के लिए हुआ था.

महाभारत के समय श्री कृष्ण अर्जुन के सारथी बने थे

जब अर्जुन अपने संगे सम्बन्धी से युद्ध करने को मना कर देते हैं तब कृष्ण  अर्जुन को गीता का मर्म बतते  है और कहते हैं कि

"यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत :

अभ्युत्थानमधर्मस्य  तदात्मानं सृजाम्यहम् "

जिसका अर्थ  हे अर्जुन, जब जब धर्म की ग्लानि - हानि होगी और अधर्म में वृद्धि होती है, तब तब  मैं  श्रीकृष्ण धर्म के अभ्युत्थान के लिए स्वयं की रचना करता हूँ अर्थात मैं अवतार लेता हूँ.

आज वर्तमान समय की परिस्थितियों में ये गीत आज की दशा को स्पष्ट रूप से कृष्ण के ( गोविन्द ) बताता है.

आज कलयुग मे ले के अवतार ओ गोविन्द

अपने भक्तों की सुनले पुकार हो गोविन्द

अपने भक्तों की सुनले पुकार हो गोविन्द

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..